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Nizamuddin markaz news today : मरकज में फंसे तबलीगी जमात के मामले पर चढ़ा सियासी रंग

         Highlight-
    •   निजामुद्दीन मरकज की खबर से मचा देश में हड़कंप।
    •     आयोजन में गए तेलंगाना के 6 और कश्मीर के 1 व्यक्ति की मौत
    •     253 लोग अस्पताल में भर्ती इनमें से 24 पॉजिटिव बाकी की रिपोर्ट आना अभी बाकी।




    क्या है पूरा मामला निजामुद्दीन मरकज़ का


    निजामुद्दीन मरकज में हुई तबलीगी जमात कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों में से 24 लोगों में कोरोनावायरस की पुष्टि हुई है इतनी ज्यादा मात्रा में जमात में मौजूद लोगों में संक्रमण की पुष्टि होने से देश में हड़कंप मच गया है लेकिन देश का मीडिया इस बात को मज़हबी  रंग देने की कोशिश कर रहा है 
                   दिल्ली में इस्लामी तबलीगी जमात का मुख्यालय है और मौलाना इलियास नाम के एक धर्मगुरु ने 1926 में इसकी स्थापना दिल्ली में की थी।  इसकी शाखाएं मलेशिया इंडोनेशिया पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे कई देशों में है इसमें 4000 से ज्यादा लोगों के रहने की जगह है एक मस्जिद भी है मरकज निजामुद्दीन दरगाह से कुछ मिनट की दूरी पर है



    • ·    विदेशियों सहित 700 से ज्यादा लोग दूसरे राज्यों में गए, पुलिस पुलिस तलाश में जुटी।
    • ·    देशभर में कोरोना से पीड़ितों की संख्या 1300 पार, पांच राज्यों में 7 मौतें
    • ·    सरकार ने कहा  लॉक डाउन आगे बढ़ाने की योजना नहीं

    दुनिया भर से nizamuddin markaz में लोग शामिल हुए-


    इस मरकज में देशभर के अलग-अलग राज्यों से लोग शामिल हुए थे इसके अलावा विदेशी लोग भी इसमें शामिल थे तबलीगी जमात में गए अंडमान के 10 में से 9 कोरोना पॉजिटिव  पाए गए हैं इस बात की पुष्टि अंडमान के डिप्टी स्वास्थ्य एवं नोडल ऑफिसर अभिजीत रॉय ने की है  
     अंदेशा यह भी है कि सम्मेलन में शामिल हुए वह दर्जनों लोग जो तमिलनाडु और केरल और तेलंगाना जैसे राज्यों से आए थे वह अपने घरों को वापस भी लौट गए हैं और उनसे संपर्क में आए लोग भी इस खतरनाक बीमारी की चपेट में सकते हैं


    Nizamuddin markaz मामले में अब तक क्या हुआ -




    यहां मरकज में जो लोग थे उनको isolation के लिए भेज दिया गया है लेकिन जो लोग अपने घर चले गए हैं उनकी खोज अभी जारी है, हो सकता है उनमें से किसी को कोरोनावायरस हो और वह वायरस उनके द्वारा किसी और को भी लग सकता है
    ऐसे में अंदेशा यह जताया जा रहा है कि इसको फैलने से रोकने के लिए उन सभी लोगों को वापस लाना होगा और उनका आइसोलेशन किया जाना बहुत ही आवश्यक है



    निजामुद्दीन मरकज की तरफ से सफाई में क्या कहा गया-


    लगातार उठ रहे सवालों के बीच निजामुद्दीन मरकज की ओर से अपने बचाव में दलील दी गई है कि जिस दिन लॉक डाउन हुआ उस दिन मरकज में जो लोग रह गए थे उन्हें निकालने के लिए वाहनों का इंतजाम किया गया था  इन वाहनों की लिस्ट दिल्ली पुलिस को दी गई थी ताकि वाहन पास मिल जाए मरकज़  की ओर से 25 मार्च को पुलिस प्रशासन को चिट्ठी लिखी गई थी लेकिन कोई जवाब नहीं आया
     यदि इस दावे को सच माने तो 23 मार्च को जब 21 दिनों का लॉक डॉन शुरू हुआ तो प्रशासन को इस बात की जानकारी थी कि इस मरकज में सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद हो सकते हैं इसके बावजूद इन्हें इन्हें निकालने का प्रबंध ना हो पाना कई तरीके के सवाल खड़े करता है कई तरह के सवाल खड़े करता है







     





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